हर चीज बोलती है .. इर्द-गिर्द .. और .. सर से लेकर पांव तलक .. हर तरफ .. सभी कुछ .. कभी कहीं कुछ तो .. कभी कहीं कुछ .. तो .. कभी बहुत कुछ .. बात दरअसल अपने-अपने चिंतन की है .. अपने-अपने रूचि की है .. किसी को पेड़-पौधे अच्छे लगते हैं .. प्रकृति अच्छी लगती है .. कोई इस पर काव्य-रचना करता है .. उसे कोई चित्रित करता है .. तो कोई पोट्रेट बनाता है .. कुल मिलाकर बात अपने-अपने रूचि की है .. देखने .. सुनने से लेकर चिंतन व उसके बाद .. अभिव्यक्ति तलक ।
मैं कैनवास पर चित्र बना रहा था .. मैं सोच रहा था .. फिर मैंने शाब्दिक अभिव्यक्ति का सहारा लिया .. मैं सोच रहा था .. मेरी रूचि किसमें है .. मैं सोच रहा था .. मुझे लगा कि वक्त बोलता है और अनुभूति व्यक्तिगत होती है .. और अभिव्यक्ति भी .. रूचि भी ..
Wednesday, July 21, 2010
courage ..
tubular vision is one of the reasons .. that reduces or at times .. eliminates the inner courage element .. and .. results in killing the inner ..
truth of life .. I think .. it is the ..
There are situations that comes in your life but .. किसमें इतना साहस है कि वह साफ-साफ लिख सके .. ऐसे अनेक कारण होते हैं जहां चाहते हुए भी हम कुछ नहीं लिख सकते .. that is why .. इसलिये .. observing the so many unavoidable situations .. one may not be able to write about the inside .. this is so true that कोई एक हैं जिन्होने अपने autobiography के बारे में कभी कहा कि कोई साफ-साफ व सही-सही अपने बारे में लिख नहीं सकता .. मैं तो इससे सहमत हूं .. और कोई इस बात से सहमत होता है या नहीं यह उस व्यक्ति की अपनी सोच है .. सो किसी भी autobiography को पूर्ण रूपेण आत्म-कथा कहना न तो सही है और न ही उचित .. any autobiography .. may be a window view .. खिड़की से दिखाई देने वाला सच .. सच का केवल उतना ही हिस्सा .. जो खिड़की से दिखाई देता है ..
the jolt ..
At times .. all of a sudden .. you find a situation that gives a jolt .. a kick or a strong push to your life resulting in a process that boosts your energy level .. But .. if you are lucky enough then only you will be able to recognise this jolt .. Believe me that this comes out with a positive change in your life .. Relating this .. there are examples I have experienced in my life and seen in other life also and read in books also .. Reading in books may not carry that effect as if you realise or experience in your own life .. This may comprise any situation that can be described by .. anything from first letter A of alfabet to the last letter Z of alfabet .. or may any letter from middle .. may be R or J or N or S or any other .. This has no shape .. no form .. and nothing can be said .. also .. no way this can be defined .. Well .. this much I know and understand that .. this can bring you out of any distress by providing an unknown strength .. within you ..
Tuesday, July 20, 2010
ego ..
I think .. this is the EGO .. which is the route cause of many trobles .. many problems .. this .. I observe .. यह जानते हुए भी कि किसी के महान कहने से कोई महान नहीं हो जाता .. तो फिर किसी के नीचा दर्शाने वाले शब्दों से कोई क्यों आहत होता है ..
Thursday, July 15, 2010
Friday, July 9, 2010
आक्टोपस और भविष्यवाणियां ..
विश्व कप फुटबाल में स्पेन व निदरलेंड फायनल में पहुंचे है व तीसरे स्थान के लिये जर्मनी व उरूग्वे के बीच मुकाबला होना है । पाल नामक जर्मनी के इस आक्टोपस ने स्पेन के विश्व विजेता होने व जर्मनी के तीसरे स्शान को काबिज कर लेने की भविष्यवाणी की है । फुटबाल को एक कमर्प्रधान खेल की श्रेणी में रखा जा सकता है । भाग्य पर कुछ ज्यादा ही विश्वास करने वाले कुछ लोगों ने आक्टोपस का उपयोग व प्रयोग कर, भाग्य को एक नये आयाम के साथ फुटबाल के साथ जोड़कर एक बार फिर शायद यह जताने की कोशिश की है कि भाग्य ही सवोर्परि है । इस तरह की कोई भी घोषणा खिलाड़ियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बना सकती है जिसका असर खेल के नतीजों पर भी पड़ सकता है । कभी तो ऐसा भी होता है कि अतिविश्वास किसी भ्रम को पनाह दे देता है जो नाकामयाबी का सबब बन जाता है तो कभी ऐसी घोषणाएं हौसलों को बढ़ा देती हैं और किसी स्तर पर आत्मविश्वास को टूटने से बचा भी लेती हैं । इसलिये ऐसी घोषणाओं का क्या असर होगा यह कह पाना मुश्किल है । किसी अखबार में मैंने पढ़ा कि सिंगापुर के किसी व्यक्ति के पास मणि नाम का कोई तोता है जो भविष्यवाणियां करता है । इस तोते के द्वारा की गई भविष्यवाणि के अनुसार नीदरलेंड 2010 की विश्व विजेता टीम होगी । खैर यह सब तो बहस का मुद्दा है । कुल मिलाकर कर्म ज्यादा महत्वपूर्ण तो है ही । कर्म में निश्चितता है कि आपका परिणाम काफी हद तलक आपके कर्म के सापेक्ष होगा लेकिन भाग्य तो इत्तेफाकन है ।
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