Wednesday, April 13, 2011

मैं सोच रहा था ..


कोई कह रहा था - चिंता से चतुराई घटे .. मैं सुन रहा था .. मैं सोच रहा था .. इसलिये चिंता नहीं चिंतन करना चाहिये ..

Tuesday, April 12, 2011

CONFUSION ..


यह चित्र दरअसल प्रतिबिंबित करता है .. state of mind को । किंकर्तव्यविमूढ़ .. चिंता .. और .. चिंतन की जटिल स्थिति का शायद परिणाम है - यह चित्रण । इसे नाम भी देना जरूरी था .. इसलिये नाम दिया है - CONFUSION ..

प्रयास .. ऐसा भी होता है ..


अंततः .. + - x / = zero .. यही लगता है .. कभी-कभी किसी दिशा में किया गया कोई प्रयास किसी गमले में लगाये किसी पेड़ की तरह होता है, जिसके फैलाव की एक सीमा होती है । ऐसी स्थिति किसी वृक्ष की तरह किसी को छांव नहीं दे सकती । फिर आप कई कोशिशें करते रहिये .. परिणाम एक ही आयेगा - अंततः .. + - x / = zero ..

Monday, April 11, 2011

मैं सोच रहा था ..


मेरे तो सपने देखने पर भी हंगामा खड़ा हो जाता है .. सपना तो सपना होता है .. जरूरी तो नहीं कि वह हकीकत में तब्दील हो .. मैं सोच रहा था ..

मैं सोच रहा था ..


Water is soft in nature and highly adjustable .. BUT .. this can not be underestimated .. and it can be disastrous .. e.g. SUNAMI .. मैं सोच रहा था ..

बहस ..

इंसान महत्वपूर्ण है .. लेकिन इंसानियत सर्वोपरि है .. इसे पढ़कर .. इस बात पर बहस छिड़ गई कि सर्वोपरि इंसान है या इंसानियत या स्वास्थय या वक्त .. मैं सुन रहा था .. मैं सोच रहा था .. कि सबसे महत्वपूर्ण यह है कि किसी भी बहस में मुझे शामिल नहीं होना चाहिये ..

Sunday, April 3, 2011

कर्म महत्वपूर्ण है .. ज्योतिष कदापि नहीं ..

आने वाले कल का कोई केवल अंदाजा लगा सकता हैं .. कोई भी व्यक्ति भाग्य-विधाता तो नहीं है .. और फिर आप ज्योतिष तो अपने आपको कहियेगा ही मत .. क्योंकि ऐसा कहते ही आपसे मेरा विश्वास उठ जायगा । ज्योतिष के बताए हुए नुस्खे आपको किसी परेशानी से निजात दिला दें .. यह केवल इत्तेफाक हो सकता है .. केवल संयोग हो सकता है .. । ज्योतिष आपका भाग्य नहीं बदल सकता । कर्म महत्वपूर्ण है .. ज्योतिष कदापि नहीं .. ।